आधारशिला क्रियान्वयन संदर्शिका-Aadharshila Kriyanvayan Sandarshika 2026-24 निपुण लक्ष्य की प्राप्ति के लिए सहायक शिक्षक संदर्शिकाएँ, कार्यपुस्तिका, निपुण लक्ष्य कैसे प्राप्त करें, शिक्षक संदर्शिका, आधारशिला क्रियान्वयन संदर्शिका का प्रयोग कैसे करें, आदि प्रश्नों का उत्तर समझाने के लिए पोस्ट को पूरी तरह से पढ़ें।
उत्तर प्रदेश में बेसिक शिक्षा परिषद द्वारा संचालित परिषदीय प्राथमिक विद्यालयों में निपुण भारत मिशन के उद्देश्यों की प्राप्ति के लिए विभिन्न गतिविधियाँ संचालित की जा रही हैं। पिछले सत्र 2026-23 में कक्षा 1 से 3 में भाषा और गणित की आधारशिला क्रियान्वयन संदर्शिका के अनुरूप शिक्षण किया गया। इससे बच्चों के अधिगम स्तर में विशेष सुधार प्राप्त हुआ है। इस पोस्ट में आप शैक्षिक सत्र 2026-24 में कक्षा 1, 2 और 3 में नई ‘आधारशिला क्रियान्वयन संदर्शिका’ के अनुसार कैसे शिक्षण किया जाएगा? इसके बारे में जान सकेंगे। ‘आधारशिला क्रियान्वयन संदर्शिका 2026-24’ की पीडीएफ डाउनलोड करने के लिए।
डिजिटल शिक्षक संदर्शिका
Contents
आधारशिला क्रियान्वयन संदर्शिका-Aadharshila Kriyanvayan Sandarshika 2026-24

आधारशिला क्रियान्वयन संदर्शिका भाषा
कक्षा 1, कक्षा 2 एवं कक्षा 3 के लिए भाषा की अलग-अलग तीन संदार्शिकाएं हैं | भाषा की आधारशिला क्रियान्वयन संदर्शिकाओं पर कार्य करने के लिए इसकी समझ अति आवश्यक है | संदर्शिका में दी गई वार्षिक योजना, साप्ताहिक योजना एवं दैनिक योजना के अनुरूप कार्य किया जाना है |
कक्षा 1 से 3 तक की कक्षाओं के प्रथम 3 कालांश भाषा शिक्षण के लिए रखे गए हैं | प्रथम कालांश में मौखिक भाषा विकास और सम्बंधित लेखन, द्वितीय कालांश में डिकोडिंग और कार्यपत्रक पर कार्य तथा तृतीय कालांश में पठन पर कार्य किया जाएगा |
इसके अंतर्गत दैनिक शिक्षण योजना, पुनरावृत्ति अभ्यास, साप्ताहिक आकलन एवं रेमिडियल कार्य एवं गृह कार्य पत्रकों पर कार्य एवं सावधिक आकलन कब और किस प्रकार किया जाएगा, इसकी समझ विकसित कर पायेंगे |
हिंदी भाषा आधारशिला क्रियान्वयन संदर्शिका हिंदी
आधारशिला क्रियान्वयन संदर्शिका गणित
गणित के लिए तीन संदार्शिकाएं जो कक्षा 1, कक्षा 2 एवं कक्षा 3 के लिए अलग-अलग हैं | संदर्शिका के अनुरूप कार्य करने के लिए गणित की वार्षिक योजना, साप्ताहिक योजना एवं दैनिक शिक्षण योजना को समझना अति आवश्यक होगा |
कक्षा 1 से 3 के लिए गणित शिक्षण हेतु 3 कालांश निर्धारित हैं, जिसमें प्रथम कालांश में शिक्षण योजना पर कार्य, द्वितीय कालांश में अभ्यास पत्रक पर कार्य और तृतीय कालांश में अभ्यास गतिविधि पर कार्य किया जाएगा |
इसके अंतर्गत दैनिक शिक्षण योजना, अभ्यास पत्रक, अभ्यास गतिविधि, समेकन गतिविधि, साप्ताहिक आकलन एवं रेमिडियल कार्य एवं गृह कार्य पत्रकों पर कार्य एवं सावधिक आकलन कब और किस प्रकार किया जाएगा, इसकी समझ विकसित कर पायेंगे |
गणित आधारशिला क्रियान्वयन संदर्शिका गणित
- दैनिक शिक्षण योजना: आपकी दैनिक शिक्षण योजना को छात्रों के उद्देश्यों के साथ मेल खाते हुए आप उन्हें दैनिक शिक्षा के लिए स्तरवार लक्ष्य तय कर सकते हैं।
- अभ्यास पत्रक: आपके अभ्यास पत्रक को और भी विशिष्ट बनाकर छात्रों के समझाने को सहायक बना सकते हैं। इसमें स्थिर तथा प्रगति के संकेत समाविष्ट करने से छात्र अपनी प्रगति को निगरानी में रख सकते हैं।
- अभ्यास गतिविधि: इसमें नई और रोचक गतिविधियों का प्रस्तावना करने से छात्रों का रुचि और भी बढ़ सकता है और उनकी सीखने की प्रक्रिया में रूचिकर बन सकता है।
- समेकन गतिविधि: यह समेकन गतिविधियों का संग्रह हो सकता है जो विभिन्न गणितीय अनुभवों को एक साथ मिलाकर समझाने में मदद कर सकते हैं।
- साप्ताहिक आकलन: साप्ताहिक आकलन छात्रों की प्रगति को निगरानी में रखने का एक महत्वपूर्ण तरीका हो सकता है और उन्हें स्वयं की सीमाओं को पार करने के लिए प्रोत्साहित कर सकता है।
- रेमिडियल कार्य और गृह कार्य पत्रक: इन पत्रकों के माध्यम से आप छात्रों के संकेतों को पकड़कर उनकी कमियों पर काम करने में मदद कर सकते हैं और उनकी ग्रोथ को सुनिश्चित करने के लिए सार्थक सलाह प्रदान कर सकते हैं।
शिक्षा संकल्प -“निपुण भारत” & आधारशिला क्रियान्वयन संदर्शिका
“निपुण भारत” एक पहल है जिसका उद्देश्य भारतीय शिक्षा प्रणाली को मजबूत और गुणवत्तापूर्ण बनाना है। यह पहल केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय (Ministry of Education, MoE) द्वारा चलाई जाती है और इसका मुख्य उद्देश्य शिक्षा क्षेत्र में गुणवत्ता को बढ़ावा देना और छात्रों को अधिक समर्पित, सृजनात्मक, और समझदार बनाना है।
“निपुण भारत” के कुछ महत्वपूर्ण पहलुओं में शामिल हैं:
- शिक्षा संकल्प: यह पहल शिक्षा संकल्प (National Education Policy, NEP) 2026 के अनुसार चलाई जाती है, जिसका उद्देश्य शिक्षा में सुधार करना है। NEP 2026 ने शिक्षा के कई क्षेत्रों में सुधार के सुझाव प्रस्तुत किए हैं, जैसे कि अध्ययन प्रक्रिया, पाठ्यक्रम, और शिक्षक प्रशिक्षण।
- कौशल विकास: “निपुण भारत” का एक मुख्य उद्देश्य छात्रों के कौशलों का विकास करना है। यह उन्हें विभिन्न कौशलों के साथ-साथ सामाजिक और आचारिक मूल्यों को समझने में मदद करता है।
- शिक्षक प्रशिक्षण: “निपुण भारत” शिक्षकों के लिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह उन्हें नई शिक्षा प्रणाली के साथ अवगत कराने और उनके प्रोफेशनल विकास का समर्थन करता है।
- तकनीकी शिक्षा: यह पहल तकनीकी शिक्षा को भी महत्व देती है और छात्रों को तकनीकी कौशलों का विकास करने में मदद करती है।
- सामाजिक सामर्थ्य: “निपुण भारत” छात्रों के सामाजिक सामर्थ्य को बढ़ावा देने का लक्ष्य रखती है, जिससे वे समाज में सकारात्मक परिवर्तन कर सकें।
इस पहल के अंतर्गत, विभिन्न शिक्षा क्षेत्रों में सुधार करने की कई योजनाएं और पहल की जा रही हैं जो भारतीय शिक्षा को मजबूत और उत्कृष्ट बनाने का प्रयास कर रही हैं।
25 Week Shikshak Sandarshika
25 सप्ताह कार्यपुस्तिक 25 Week Karyapustika 2026-24
डिजिटल शिक्षक संदर्शिका क्या है?
बच्चों को पढ़ाने की तरकीब सुधारेगी शिक्षक संदर्शिका ( Teacher’s Guide), हर कक्षा की पाठ्य योजना से लेकर व्यापक मूल्यांकन भी समाहित है ।
आधारशिला क्रियान्वयन संदर्शिका 25 सप्ताह की शिक्षण गतिविधियाँ
शिक्षा मंत्रालय भारत सरकार द्वारा राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2026 को 29 जुलाई 2026 को लागू की गई | NEP-2026 में निहित प्रावधानों के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु निपुण भारत मिशन कार्यक्रम प्रारम्भ किया गया | उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा उक्त कार्यक्रम को तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया | बच्चों में बुनियादी साक्षरता एवं संख्या ज्ञान क्षमता प्राप्त करने हेतु बालवाटिका से कक्षा 1, 2 एवं 3 के लिए निपुण लक्ष्य निर्धारित किये गए हैं | इन निपुण लक्ष्यों को तय समय सीमा में प्राप्त करने हेतु स्कूल रेडीनेस कार्यक्रम एवं 25 सप्ताह का आधारशिला क्रियान्वयन संदर्शिका आधारित कार्यक्रम (25 सप्ताह की शिक्षण गतिविधियाँ) शुरू किया गया है |